रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग
Rameshwaram Jyotirling Temple in India, Religious Places in India, Famous Rameshwaram Jyotirling Temple in Indi
Saturday, August 30, 2014 by admin
रामेश्वरम हिंदुओं का एक पवित्र तीर्थ है। यह तमिल नाडु के रामनाथपुरम जिले में स्थित है। यह तीर्थ हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। इसके अलावा यहां स्थापित शिवलिंग बारह द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है | रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग दक्षिण भारत के समुद्र तट पर अवस्थित है | भारत के उत्तर मे काशी की जो मान्यता है, वही दक्षिण में रामेश्वरम् की है। रामेश्वरम चेन्नई से लगभग सवा चार सौ मील दक्षिण-पूर्व में है | कहते हैं मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने स्वयं अपने हाथों से श्री रामेश्वरम.... read more...  reviews [0]
तिरुपति बालाजी
तिरुपति बालाजी
तिरुपति बालाजी मंदिर विश्वभर के हिंदुओं का प्रमुख वैष्णव तीर्थ है. यह दक्षिण भारत में आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में है. पूरी दुनिया में यह हिंदू....
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
सोमनाथ ज्योतिर्लिंग
सौराष्ट्र (गुजरात) के काठियावाड़ क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रभास तीर्थ स्थित है, जहां प्रसिद्ध सोमनाथ का मंदिर है. देश के १२ ज्योतिर्लिंगों में....
श्री वृहस्पति देव की आरती
श्री वृहस्पति देव की आरती
आरती वृहस्पति देवता की जय वृहस्पति देवा, ऊँ जय वृहस्पति देवा । छि छिन भोग लगाऊँ, कदली फल मेवा ॥ तुम पूरण परमात्मा, तुम अन्तर्यामी । जगतपिता....
श्री कुंज बिहारी की आरती
श्री कुंज बिहारी की आरती
Shri Kunj Bihari ji ki Aarti आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्णमुरारी की ॥ गले में बैजंती माला, बजावै मुरली मधुर बाला। श्रवण में कुण्डल....
श्री राम की आरती
श्री राम की आरती
जगमग जगमग जोत जली है। राम आरती होन लगी है।। भक्ति का दीपक प्रेम की बाती। आरती संत करें दिन राती।। आनंद की सरिता उभरी है। जगमग जगमग....
श्री दुर्गा चालीसा
श्री दुर्गा चालीसा
नमो नमो दुर्गे सुख करनी। नमो नमो दुर्गे दुःख हरनी॥ निरंकार है ज्योति तुम्हारी। तिहूं लोक फैली उजियारी॥ शशि ललाट मुख महाविशाला।....
पावन गायत्री स्तोत्र
पावन गायत्री स्तोत्र
सुकल्याणीं वाणीं सुरमुनिवरैः पूजितपदाम शिवाम आद्यां वंद्याम त्रिभुवन मयीं वेदजननीं परां शक्तिं स्रष्टुं विविध विध रूपां गुण मयीं भजे....
श्री बद्रीनाथजी की आरती
श्री बद्रीनाथजी की आरती
पवन मंद सुगंध शीतल हेम मंदिर शोभितम् निकट गंगा बहत निर्मल श्री बद्रीनाथ विश्व्म्भरम्। शेष सुमिरन करत निशदिन धरत ध्यान महेश्वरम्। शक्ति....
एकादशी की पावन आरती
एकादशी की पावन आरती
ॐ जय एकादशी, जय एकादशी, जय एकादशी माता । विष्णु पूजा व्रत को धारण कर, शक्ति मुक्ति पाता ।। ॐ।। तेरे नाम गिनाऊं देवी, भक्ति प्रदान करनी ।....
नटराज स्तुति
नटराज स्तुति
सत सृष्टि तांडव रचयिता नटराज राज नमो नमः... हेआद्य गुरु शंकर पिता नटराज राज नमो नमः... गंभीर नाद मृदंगना धबके उरे ब्रह्मांडना....
जय भोले जय भंडारी तेरी है महिमा न्यारी
जय भोले जय भंडारी तेरी है महिमा न्यारी
जय भोले जय भंडारी तेरी है महिमा न्यारी तेरी मोहनी मूरत लगे है प्यारी जय भोले जय भंडारी ... कण कण में है तेरा वास प्रभु है तीनों लोक में तू....
शिव भजन : शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे
शिव भजन : शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे
ओ शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे जीवन पथ पर, शाम सवेरे छाए है घनघोर अंधेरे ओ शंकर मेरे कब होंगे दर्शन तेरे जय भोले जय भंडारी, तेरी है महिमा....
 पावन श्रीकृष्ण चालीसा
पावन श्रीकृष्ण चालीसा
॥दोहा॥ बंशी शोभित कर मधुर, नील जलद तन श्याम। अरुण अधर जनु बिम्बफल, नयन कमल अभिराम॥ पूर्ण इन्द्र, अरविन्द मुख, पीताम्बर शुभ साज। जय मनमोहन मदन....
गोपाल स्तुति
गोपाल स्तुति
नमो विश्वस्वरूपाय विश्वस्थित्यन्तहेतवे। विश्वेश्वराय विश्वाय गोविन्दाय नमो नमः॥1॥ नमो विज्ञानरूपाय परमानन्दरूपिणे। कृष्णाय गोपीनाथाय....
श्री भगवान धन्वंतरि जी की आरती
श्री भगवान धन्वंतरि जी की आरती
जय धन्वंतरि देवा, जय धन्वंतरि जी देवा। जरा-रोग से पीड़ित, जन-जन सुख देवा।।जय धन्वं.।। तुम समुद्र से निकले, अमृत कलश लिए। देवासुर के संकट....
धन्वंतरि स्तवन्
धन्वंतरि स्तवन्
FILE शंखं चक्रं जलौकादधतम्- अमृतघटम् चारूदौर्भिश्चतुर्भि:। सूक्ष्म स्वच्छ अति-हृद्यम् शुक- परि विलसन मौलिसंभोजनेत्रम्।।....


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मां लक्ष्मीजी की आरती
FILE ॐ जय लक्ष्मी माता, मैया जय लक्ष्मी माता तुम को निश दिन सेवत, हर विष्णु विधाता.... ॐ जय लक्ष्मी माता...।। उमा रमा ब्रह्माणी, तुम ही जग माता सूर्य चंद्रमा ध्यावत, नारद ऋषि गाता ॐ जय लक्ष्मी माता...।। दुर्गा रूप निरंजनि, सुख सम्पति दाता जो कोई तुमको ध्याता, ऋद्धि....
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लक्ष्मी चालीसा
Shri Laxmi Chalisa ॥ दोहा॥ मातु लक्ष्मी करि कृपा, करो हृदय में वास। मनोकामना सिद्घ करि, परुवहु मेरी आस॥ ॥ सोरठा॥ यही मोर अरदास, हाथ जोड़ विनती करुं। सब विधि करौ सुवास, जय जननि जगदंबिका॥ ॥ चौपाई ॥ सिन्धु सुता मैं सुमिरौ तोही। ज्ञान बुद्घि विघा दो मोही ॥ तुम समान नहिं कोई उपकारी। सब विधि....
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श्री सूर्य देव की आरती
जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव। जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥ रजनीपति मदहारी, शतदल जीवनदाता। षटपद मन मुदकारी, हे दिनमणि दाता॥ जग के हे रविदेव, जय जय जय रविदेव। जय जय जय रविदेव, जय जय जय रविदेव॥ नभमंडल के वासी, ज्योति प्रकाशक देवा। निज जन हित सुखरासी, तेरी हम सबें सेवा॥....
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शारदा माता की आरती
हे शारदे! कहां तू वीणा बजा रही है। किस मंजुज्ञान से तू जग को लुभा रही है। किस भाव में भवानी तू मग्न हो रही है, विनती नहीं हमारी क्यों मात सुन रही है। हम दीन बाल कब से विनती सुना रहे हैं, चरणों में तेरे माता हम सिर नवा रहे हैं। अज्ञान तुम हमारा मां शीघ्र दूर कर दे, द्रुत....
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वर दे, वीणावादिनि वर दे
वर दे, वीणावादिनि वर दे ! प्रिय स्वतंत्र-रव अमृत-मंत्र नव भारत में भर दे ! काट अंध-उर के बंधन-स्तर... बहा जननि, ज्योतिर्मय निर्झर; कलुष-भेद-तम हर प्रकाश भर जगमग जग कर दे ! नव गति, नव लय, ताल-छंद नव नवल कंठ, नव जलद-मन्द्ररव; नव नभ के नव विहग-वृंद को नव पर, नव स्वर दे....
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Monday, August 25, 2014, 11:39:57, 5 Days Ago
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